This party encourages us to make profound connections with our internal selves, which encourages spiritual expansion and peace. This holy year reminds us that the core of devotion may be the purity of our hearts along with the sincerity of our prayers.
फूल, कपूर, अगरबत्ती, ज्योत के साथ पंचोपचार पूजा करें।
इस तरह नवरात्रि के पूरे दिनों में मां की आराधना करें।
यह समय साधक को आध्यात्मिक शक्ति और आत्मविश्वास प्रदान करता है।
शनिवार से गुप्त नवरात्रि, कैसे करें पूजा, जानें विधि और पूजन सामग्री
व्रत और नियम: गुप्त नवरात्रि में व्रत रखना अत्यधिक फलदायी होता है।
पूरे परिवार सहित माता का स्वागत करें, उनका पूजन, आरती करके भोग लगाएं और उनसे सुख-समृद्धि की कामना करें।
ॐ नमो काली कंकाली महाकाली मुख सुन्दर जिह्वा वाली,
In accordance with Eradicating Black Magic, using this sadhana, the seeker can guard himself and his household from evil eyes, tantric obstacles, misfortune, and enemy defects. The sadhana of those nine days purifies the soul, cuts off old sins get more info and karmic bonds, and leads the individual to new auspicious chances in life.
मंत्र साधना: साधक अपनी साधना के अनुसार गुरु से प्राप्त मंत्रों का जाप कर सकते हैं।
गुप्त नवरात्रि पर्व के दिनों में सुबह जल्द उठकर दैनिक कार्यों से निवृत्त होकर स्नान करने के बाद स्वच्छ कपड़े पहनें।
देवी पूजन की सभी सामग्री को एकत्रित करें। पूजा की थाल सजाएं।
मां की आरती गाएं, उन्हें फूल, अक्षत चढ़ाएं और बेदी से कलश को उठाएं।
गुप्त नवरात्रि का यह पावन समय साधकों के लिए एक नई ऊर्जा और प्रेरणा लेकर आता है। इसका पालन श्रद्धा और नियम के साथ करने से जीवन में अद्भुत परिवर्तन संभव है।
फिर कलश को लाल कपड़े से लपेटें और कलावा के माध्यम से उसे बांधें।